「この曲、すごく落ち着きますね」
「ふふ、気に入っていただけましたかしら?」
「はい。この柔らかい音が体にしみてくるというか・・・」
「気に入っていただいたいて何よりです」
・・・。
・・・・。
・・・・・。
「次の曲はなんだったかしら・・・。・・・瑞穂さん?」
「・・・・・・」
「瑞穂さん?」
「・・・すー・・・すー・・・」
「あらあら、いけませんよ。こんなところで眠ってしまっては」
「・・・すー・・・すー・・・」
「風邪を引きますよ・・・」
瑞穂さんの寝顔、可愛いですわね。
・・・ちょっとだけ。
チュッ。
「ん・・・・・」
「あら、お目覚めですか?」
「紫苑さん・・・?」
「おはようございます、瑞穂さん」
「え、あ!?ひょっとして私、眠ってしまいましたか?」
「ええ、気持ちよさそうに眠っていましたよ」
「あ、ごめんなさい!」
「なにを謝るのです。私は全然かまいませんでしたよ」
「でも・・・」
「気になさらないで。私は、瑞穂さんの可愛い寝顔が見られましたから」
「可愛いなんてそんな・・・」
・・・寝顔が可愛い・・・。

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僕、男なのに・・・。

「瑞穂さん、どうかしましたか?」
「いえ、なんでもないです・・・」
紫苑さんの顔を見ると、ニコニコと微笑んでいる。
うぅ、絶対に僕の反応を見て楽しんでる・・・。
「それに・・・」
「はい?」
「目が覚める直前に、何かが唇に触れたような・・・」
「気のせいですわ」
「でも、確かに感触が・・・」
「考えすぎですわ、瑞穂さん」
そういってまた微笑む紫苑さん。
絶対何かしたはずだよ・・・。

 

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